पंगवाड़ी

कथा संग्रह - बोउए प्यार

जानवर त मेह्णु अन्तर यक खास फरक असा। जानवर कदि सोच न सकते पर मेह्णु सोच सकता। से न कि सिर्फ अपु पुराणि बोक सोचता, पर भविष्य बारे बि सोचता। मेह्णु दिले दुनिआ अन्तर न कि सिर्फ मेह्णु बोक कते बल्कि जानवर, बुटे त घोड़, सोब बोक कइ सकते। तसे दिले दुनिआ अन्तर सोब कुछ भुई सकतु। असंभव कुछ बि नेई।

एस सोच पुठ बणो सी हें कति कथा त घीत। कथा त घीत मेह्णु जिन्देगी अन्तर खास महत्व रखते। से जिन्देगी अन्तर रस भरते त सुआ चिजे बारे बि बतान्ते। कथा सोबि ट्यारि भुन्ति। स्याणे मेह्णु त गभूर सोब एसे बोलि मज्जा नेन्ते। कथा अन्तर अस अपु मने सोच बताई सकते। जे चीज असी असंभव लगति, जे असी अपु टीरे बोलि कदि न काउ, जेठ अस कदि न घेई सकते, जे अस कदि न कइ सकते, से सोब अस कथा त घीत अन्तर कइ सकते। कथा त घीत असी सपणे दुनिआ अन्तर नेन्ते त अजब अजब चीजे हरालते त शिचालते बि।

ए किताब कुछ इं कथाई जे बणो असी। हें उम्मीद असी की एन्ही कथाई के बोलि तुस मज्जा नेन्ते त कुछ शिचते बि।

कोई बि सुझाव देण जे दुतो पता पुठ अस जे चिठ लंघाए।

विषय सूची

1. काकुरामे अकल... 5

2. राजे बिएजु... 6

3. कउं जीतता.... 10

4. बोउए प्यार.. 11

5. केसे स्यापा सा ?. 13

6. झड़ीं दे त खड़ भो.... 15

7. फुलियाठे टजोट.. 17

8. स्याणा जिम्मदार त तसे कुतर.. 21

9. मालिक मेहणु... 23

10. अंतर कउं भैण... 28

11. माफ करणे फल... 30

12. माछि के पार्लामेन्ट..... 33

13. केसेरी बुराई न करीण... 36

14. सोबि केआं सुखी मेहणु... 39

15. अपफ नम्र करे।. 41

16. सचाई.. 44

17. यक होरि इज्जत करें.. 46

18. रोभ न करूण... 48